Chanakya Wiki In Hindi ( चाणक्य जीवन परिचय /जीवनी )
चाणक्य चन्द्रगुप्त मौर्य के महा मंत्री थे।
चाणक्य के नाम पर डॉ चंद्रप्रकाश द्वारा लिखित और निर्देशित ४७ भागों वाला एक धारावाहिक बना था जिसे मूल रूप से 8/09/1991 से 9/08/1992 तक डीडी नेशनल पर प्रसारित किया था।
पाटलिपुत्र के नंद वंश के राजा धनानंद के यहाँ आचार्य एक अनुरोध लेकर गए थे। आचार्य ने अखण्ड भारत की बात की और कहा कि वह पोरव राष्ट्र से यमन शासक सेल्युकस को भगा दे किन्तु धनानंद ने नाकार दिया क्योंकि पोरस राष्ट्र के राजा की हत्या धनानंद ने यमन शासक सेल्युकस से करवाई थी। जब यह बात आचार्य को खुद धनानंद ने बोला तब क्रोधित होकर आचार्य ने यह प्रतिज्ञा की कि जब तक मैं नंदों का नाश न कर लूँगा तब तक अपनी शिखा नहीं बाँधूंंगा।
कौटिल्य का नाम, जन्मतिथि और जन्मस्थान तीनों ही विवाद के विषय रहे हैं। कौटिल्य के नाम के संबंध में विद्वानों के बीच मतभेद पाया जाता है। कौटिल्य के 'अर्थशास्त्र' के प्रथम अनुवादक पंडित शामाशास्त्री ने कौटिल्य नाम का प्रयोग किया है।
पाटलिपुत्र के अमात्य आचार्य चाणक्य बहुत विद्वान न्यायप्रिय होने के साथ एक सीधे सादे ईमानदार सज्जन व्यक्ति भी थे। वे इतने बड़े साम्राज्य के महामंत्री होने के बावजूद छप्पर से ढकी कुटिया में रहते थे। एक आम आदमी की तरह उनका रहन-सहन था। एक बार यूनान का राजदूत उनसे मिलने राज दरबार में पहुंचा राजनीति और कूटनय में दक्ष चाणक्य की चर्चा सुनकर राजदूत मंत्रमुग्ध हो गया। राजदूत ने शाम को चाणक्य से मिलने का समय मांगा।
मुद्राराक्षस के अनुसार चाणक्य का असली नाम विष्णुगुप्त था।
चाणक्य का कहना है कि-
जिस प्रकार घुन लगी हुई लकड़ी शीघ्र नष्ट हो जाती है, उसी प्रकार जिस राजकुल के राजकुमार शिक्षित नहीं होते, वह राजकुल बिना किसी युद्ध के ही नष्ट हो जाते हैं।
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