Rules and Regulation in UNLOCK -4.0 ( क्या खुलेगा क्या नहीं खुलेगा अनलॉक -4.0 में )
अनलॉक -4.0
केन्द्र सरकार जल्द जारी कर सकता है Unlock 4.0 की गाइडलाइंस, जाने कब खुलेंगे स्कूल कॉलेज?
कोरोना महामारी के चलते पूरे देश में हड़कंप मचा हुआ हैं। देशमें बीते मार्च के महीने से कई चरणो में लॉकडाउन लगाया गया था, जिसकी वजह से आर्थिक, शैक्षिक, समेत सभी स्तरों पर और इन गतिविधियों पर बुरी तरह से प्रभाव पड़ा है।
जैसा कि आप सभी जानते हैं कि लॉकडाउन के बाद अब अनलॉक के तीसरे चरण तक लगभग सभी आर्थिक गतिविधियां पटरी पर आ गई हैं, वहीं शैक्षणिक संस्थानों को बंद हुए 5 महीने का समय हो चुका है। इन परिस्थितियों के चलते करोड़ों छात्रों का भविष्य मजधार में है। बहरहाल स्कूल, कॉलेज और अन्य शैक्षिक संस्थनों के लिए अनलॉक 4.0 में कुछ बड़े और अहम फैसले लिए जा सकते हैं।
जैसा कि आप सभी जनते हैं पूरे देश में अनलॉक 3.0 की प्रक्रिया चल रही है। और तमाम गतिविधियों को धीरे—धीरे फिर उबारने की कोशिशें की जा रही हैं।
बता दें कि 31 अगस्त को अनलॉक 3.0 खत्म होने वाला है और 1 सितंबर से पूरे देश में अनलॉक 4.0 की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। ऐसे में ये उम्मीद जताई जा रही है कि गृह मंत्रालय के नए गाइडलाइंस में स्कूलों और कॉलेजों को भी खोलने के दिशा निर्देश जारी हो सकते हैं। बता दें कि गृह मंत्रालय की ओर से अगस्त माह के अंत तक नई गाइंडलाइंस जारी किए जाने की संभावना है।
जानिए कब से खुलेंगे स्कूल कॉलेज?
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अनलॉक 3.0 में गृह मंत्रालय ने व्यायामशालाओं, योग संस्थानों को फिर से खोलने की अनुमति दी थी और नाईट कर्फ्यू को भी पूरी तरीके से खत्म करने का निर्णय लिया गया था। इसके अलावा शैक्षणिक संस्थानों के बारे में कहा गया था कि सभी स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी एवं कोचिंग संस्थाएं 31 अगस्त तक बंद रहेंगी। बहरहाल अब उम्मीद जताई जा रही है कि सितंबर से स्कूल, कॉलेज नए दिशा निर्देश के साथ खुल सकते हैं। हालांकि अनलॉक 4.0 के गाइडलाइंस आने के बाद ही शैक्षणिक संस्थानों के भविष्य का निर्णय हो सकेगा।
जानिए स्कूल कॉलेज के लिए क्या है सरकार का प्लान?
गृह मंत्रालय के सूत्र बताते हैं कि अनलॉक 4.0 के दिशा निर्देश तैयार किए जा रहे हैं, जिसमें शैक्षणिक संस्थानों के दोबारा खोलने के दिशा निर्देश भी हैं। जबकि कुछ रिपोर्ट्स की मानें, तो शैक्षिक संस्थान चरणबद्ध तरीके से खोले जाएंगे ताकि अधिकतम सुरक्षा और सावधानी बरती जा सके। अगर ऐसा होता है, तो स्कूलों में एक साथ सभी विद्यार्थी नहीं बुलाए जाएंगे। बल्कि अलग अलग दिनों में अलग अलग कक्षा के अनुसार छात्रों को बुलाया जाएगा।
पैरेंट्स की मांग, ' स्कूल फीस पर दी जाए रियायत..'
बता दें कि कोरोना वैश्विक महामारी के कारण बीते मार्च के महीने से ही शैक्षणिक संस्थानें बंद हैं। ऐसे में बच्चों के पढ़ाई पर गहरा असर हुआ है। हालांकि सरकार ने ऑनलाइन क्लास शुरू करने के निर्देश जरूर दिए थे मगर उसमें तकनीकी समस्याएं मसलन, ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या, स्मार्टफोन की अनुपलब्धता के कारण ऑनलाइन कक्षाएं भी ज्यादा सफल नहीं रहीं। उधर दूसरी तरफ पैरेंट्स की चिंता बच्चों की पढ़ाई के साथ साथ फीस को लेकर भी है। अधिकतर पैरेंट्स का कहना है कि लॉकडाउन के कारण आमदनी के स्त्रोतों पर काफी गहरा प्रभाव पड़ा है, इसलिए बच्चों के स्कूल फीस पर रियायत दी जाए।
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